एकटा पत्रिका निकालबाक योजना बनि रहल छल। प्रकाशक आ संपादक बैसि कय विचार-विमर्श कय रहल छला।
राजनीतिक चर्चा के लिखत ?
हमर छोट पुत्र, ओकरा राजनीति मे बड्ड मौन लगै छै।
महिलका काॅलम ?
हमर कनियां, भरिदिन महिला सभक बीच बैसल ज्ञाने बंटैत रहै छथि।
सिनेमा ?
हमर मांझिल पुत्र, एक दिनमे तीन-तीन शो सिनेमा देखि लैत अछि।
खेल ?
जेठका बेटा, खेल मे रमिकय पढाई धरि चैपट क लेलक।
आवरण चित्र ?
हमर बेटी, ओ ....
पत्रिका प्रकाशित भेल। शीर्षक नीचा मे मोट-मोट आखरमे लिखल छल - अहाँक, अहींद्वारा, अहीं सँ प्रकाशितपत्रिका।
- सत्येंद्र कुमार झा
मंगलवार, अप्रैल 21
विद्यापति गीत
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