शनिवार, फ़रवरी 14

लघुकथा

1. प्रेम

बहुत दिन भ गेल, आब बियाह कय लिअय।

कियैक?- प्रेम कयल त बियाह करबै ने, कते दिन एहिना नुकाइत भेंट-घाट हैत;

नहि! कोनो जरूरी नहि।

त, प्रेम कियैक कयल ? प्रेमक अगला परिणति त बियाहे ने...

नहि; सबसं प्रसिद्ध प्रेम प्रसंग राधा-कृ"णक अछि। मुदा दूनू आपस मे बियाह नहि कयल। त हम कोना बाध्य भ सकैत छी ?


2. अपराध

सुनै छी, आब गामो मे मारि-फसाद हैत।

से कोना बुझलियै ?

थाना जे बनि गेल गाम मे।

3. पैघ लोक

विद्यालय मे अनौपचारिक गप्पक क्रम मे एकटा छात्र 'िाक्षक सं पूछलकैन्ह,मास्टर साहब, पैघ लोक कोना बनि सकैत छी?

मास्टर - पहिलुका मान्यता आ महान लोक कें खिदांस कय क।

छात्र - मतलब ?

मास्टर - भगवान आ धार्मिक मान्यता कें खिदांस कय क हरिमोहन बाबू पैघ लोक बनलाह आ ओहि क्रम मे खट्टर कक्का अमर भ गेलाह।

- सुभाष चन्द्र

नई दिल्ली, 9871846705

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